Bible Verses

यहेजकेल 28:12-19

12“मनुष्य के पुत्र, सोर के राजा के बारे में करुण गीत गाओ। उससे कहो, ‘मेरे स्वामी यहोवा यह कहता है:

“‘तुम आदर्श पुरुष थे,
तुम बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण थे, तुम पूर्णत: सुन्दर थे,
13तुम एदेन में थे परमेश्वर के उद्यान में
तुम्हारे पास हर एक बहुमूल्य रत्न थे—
लाल, पुखराज, हीरे, फिरोजा,
गोमेद और जस्पर नीलम,
हरितमणि और नीलमणि
और ये हर एक रत्न सोने में जड़े थे।
तुमको यह सौन्दर्य प्रदान किया गया था जिस दिन तुम्हारा जन्म हुआ था।
परमेश्वर ने तुम्हें शक्तिशाली बनाया।
14तुम चुने गए करुब (स्वर्गदूत) थे।
तुम्हारे पंख मेरे सिंहासन पर फैले थे
और मैंने तुमको परमेश्वर के पवित्र पर्वत पर रखा।
तुम उन रत्नों के बीच चले जो अग्नि की तरह कौंधते थे।
15तुम अच्छे और ईमानदार थे जब मैंने तुम्हें बनाया।
किन्तु इसके बाद तुम बुरे बन गए।
16तुम्हारा व्यापार तुम्हारे पास बहुत सम्पत्ति लाता था।
किन्तु उसने भी तुम्हारे भीतर क्रूरता उत्पन्न की और तुमने पाप किया।
अत: मैंने तुम्हारे साथ ऐसा व्यवहार किया मानों तुम गन्दी चीज हो।
मैंने तुम्हें परमेश्वर के पर्वत से फेंक दिया।
तुम विशेष करुब (स्वर्गदूतों) में से एक थे,
तुम्हारे पंख फैले थे मेरे सिंहासन पर
किन्तु मैंने तुम्हें आग की तरह
कौंधने वाले रत्नों को छोड़ने को विवश किया।
17तुम अपने सौन्दर्य के कारण घमण्डी हो गए,
तुम्हारे गौरव ने तुम्हारी बुद्धिमत्ता को नष्ट किया,
इसलिये मैंने तुम्हें धरती पर ला फेंका,
और अब अन्य राजा तुम्हें आँख फाड़ कर देखते हैं।
18तुमने अनेक गलत काम किये, तुम बहुत कपटी व्यापारी थे।
इस प्रकार तुमने पवित्र स्थानों को अपवित्र किया,
इसलिए मैं तुम्हारे ही भीतर से अग्नि लाया,
इसने तुमको जला दिया, तुम भूमि पर राख हो गए।
अब हर कोई तुम्हारी लज्जा देख सकता है।

19“‘अन्य राष्ट्रों मे सभी लोग, जो तुम पर घटित हुआ, उसके बारे में शोकग्रस्त थे।
जो तुम्हें हुआ, वह लोगों को भयभीत करेगा।
तुम समाप्त हो गये हो!’”

Scripture quotations taken from the NASB. Copyright © by The Lockman Foundation. lockman.org