सुरक्षित नींद

By: Mike Mazzalongo     Posted: Sat. Apr 4th

Discussion Questions
  1. "नींद" और "मेरी आत्मा ग्रहण करो" के विचारों को मिलाने से मृत्यु के बाद ईसाई आशा की एक पूर्ण तस्वीर कैसे मिलती है?
  2. केवल एक प्रकार की बाइबिल भाषा (जैसे केवल "नींद" या केवल "मसीह के साथ") से परलोक की एक शिक्षाशास्त्र बनाने के क्या खतरे हैं?
  3. हमारी आत्माओं के रखवाले के रूप में मसीह पर विश्वास करने से आज मृत्यु का सामना करने का तरीका कैसे प्रभावित होता है?

Sources
  • एम. माज़्जालोंगो के साथ चर्चा: प्रेरितों के काम 7:59-60, 29 सितंबर, 2025।
  • एफ.एफ. ब्रूस, प्रेरितों का ग्रंथ (NICNT), एर्डमन्स, 1988।
  • एन.टी. राइट, आश्चर्यचकित आशा, हार्परवन, 2008।
  • एवरेट फर्ग्यूसन, प्रारंभिक ईसाई धर्म की पृष्ठभूमि, एर्डमन्स, 2003।
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