कैद से राजकुमार तक

By: Mike Mazzalongo     Posted: November, 2014
कई वर्षों तक जेल में रहने के बाद, यूसुफ़ को फिरौन के सपनों की व्याख्या करने के लिए बुलाया जाता है और ऐसा करने में सफल होकर वह एक कैदी से मिस्र का राजकुमार बन जाता है।

Discussion Questions
  1. फिरौन के सपने में प्रतीकों का क्या महत्व था जो उत्पत्ति 41 में वर्णित है?
  2. फिरौन के बुद्धिमान पुरुष सपने की व्याख्या क्यों नहीं कर सके, लेकिन यूसुफ़ कर सके, इसका क्या महत्व है?
  3. यह क्या ध्यान देने योग्य है कि यूसुफ़ न केवल सपने की व्याख्या करता है, बल्कि एक बुद्धिमान कार्य योजना की सिफारिश भी करता है?
  4. फिरौन की सेवा में यूसुफ़ को किस प्रकार की तैयारी करनी पड़ी और इससे हम परमेश्वर की सेवा के बारे में क्या सीख सकते हैं?
  5. कैसे यूसुफ़ का जेल से फिरौन के दरबार तक उठना परमेश्वर की हमारी योजनाओं का उदाहरण है?
  6. आप इस पाठ को कैसे उपयोग कर आध्यात्मिक रूप से बढ़ सकते हैं और दूसरों को यीशु के साथ संबंध में आने में मदद कर सकते हैं?
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